देवरिया :: कलंदर समुदाय के बच्चो को आत्मनिर्भर बनाना हमारा संकल्प – राखी शर्मा

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🔴 कलंदर समुदाय के बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास के लिए मुख्य रूप से वाइल्ड लाइफ एसओएस कर रही है काम – राखी शर्मा
🔴 कलंदर समुदाय हेतु पथरदेवा 338 ग्राम बेल्हमा में खुला लायब्रेरी, विद्यार्थी वर्ग को मिलेगा अत्यधिक लाभ….।

राजू प्रसाद श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, देवरिया। उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया के अंतर्गत 338 विधान सभा पथरदेवा के ग्राम बेल्हमा में बुधवार को वाइल्ड लाइफ एसओएस संस्था के अंतर्गत कलंदर बच्चों के मानसिक विकास के लिए एक लाइयब्रेरी का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि तिथि राखी शर्मा रही। जिन्होंने बच्चों के भविष्य को उज्वल बनाने की दिशा में एक अहम योगदान दिया सीनियर मैनेजर के पद पर विराजमान राखी शर्मा ने संस्था के अंतर्गत समाज के दबे कुचले बच्चो को आगे बढ़ाने का कार्य वर्षो से कर रही है। सन 1995 मे बनी यह संस्था आज पूरे भारत वर्ष मे तेजी से आगे बढ़ रही है।
बता दें मिली जानकारी के अनुसार कलंदर (पारंपरिक मदारी या भालू नचाने वाले) समुदाय के बच्चों की शिक्षा और पुनर्वास के लिए मुख्य रूप से वाइल्डलाइफ एसओएस संस्था काम कर रही है यह संस्था उनके बच्चों को औपचारिक शिक्षा दिलाने, ट्यूशन की सुविधा देने, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति जैसी बुनियादी चीजें प्रदान करती है ताकि वे बेहतर भविष्य बना सकें मुख्य बिंदु व उद्देश्य यह है की कलंदर समुदाय को भालू नचाने के पारंपरिक और अवैध काम से निकालकर वैकल्पिक आजीविका और बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना जिसका कार्य क्षेत्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है
बच्चो को अतिरिक्त सुविधाएँ देने के लिए बच्चों की पढ़ाई के अलावा यह संस्था महिलाओं और युवाओं के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग (जैसे सिलाई और ड्राइविंग) की सुविधा भी देती है। संस्था का उद्देश्य कलंदरों को नई जिंदगी देना पढ़ाई- कराकर आत्मनिर्भर बनाना है।
इस दौरान मुख्य अतिथि सीनियर मैनेजर राखी शर्मा ने बताया कि ग्रामीण बच्चो युवाओं के जीवन को सफल बनाने के लिए व कलंदरों की जिंदगी को संवारने के लिए वाइल्ड लाइफ नामक संस्था भरपूर प्रयास कर रही है। संस्था का उद्देश्य कलंदरों को नई जिंदगी देना पढ़ाई-लिखाई कराकर आत्मनिर्भर बनाना है। कलंदर इस
समाज संस्था की पहल से खुश नजर आ रहा है। वहीं आप सभी को बता दें कि वाइल्ड लाइफ संस्था ने भालू नचाने वाले कलदरों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है इस पहल के जरिए कलंदरों को शिक्षित करने के साथ-साथ उनको रोजगार दे रही है। वाइल्डलाइफ संस्था की पहल से कलंदर समाज बेहद खुश हैं। राखी शर्मा ने बताया कि लोग पहले जंगल में से तीतर पकड़कर लाते थे, खरगोश पकड़कर लाते थे और उनको बेचकर अपना जीवन यापन करते थे। भालू को लोगों के मनोरंजन के लिए नचाकर पैसा कमाते थे लेकिन जब से वाइल्ड लाइफ संस्था ने लोगों का हाथ थामा है तब से सबकी जिंदगी बदल गई। लोगों ने खरगोश और तीतर को पकड़ कर बेचना बंद कर दिया क्योंकि इस संस्था ने लोगों को अच्छे विचार दिए। पढ़ाया और नई नई चीजों के बारे में बताया। संस्था ने लोगों को पढ़ाने के साथ-साथ यह बताया कि अगर हम अपने हाथ से कुछ चीजें ऐसी बनवायें जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करें और अपने हाथ से बनी हुई चीजों को हम लोगों तक पहुंचा सकें। राखी शर्मा ने बताया कि संस्था लोगों को पढ़ाई-लिखाई के साथ साथ खाना, रहना और नौकरी दे रही है। पहले और अब के जीवन में काफी बदलाव नजर आ रहा है।
बता दें कि कलंदर समाज के लोग पहले भालू को जंगल से पकड़कर लाते थे और उनके नुकीले दांतों को तोड़कर उन्हें लोगों के बीच नचाते थे ताकि लोगों का मनोरंजन किया जा सके और उसके बदले लोग उन्हें जो रुपए देते थे उनसे वो अपना जीवन यापन करते थे। भालू को पकड़ कर लाना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना यह उनके जीवन में शुमार था। अंत में बताया कि जब से वाइल्ड लाइफ नामक संस्था ने इनका हाथ थामा है तब से तो इनकी जिंदगी बदल गई है। यह लोग अब अपने हाथों से बनाई हुई चीजों को बाजार में बेच कर अपना जीवन यापन करते हैं।
वहीं बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारी संस्था में सभी वर्ग के बच्चो को भी पढ़ाया जाता है जो गरीब है। उन्हें फ्री कॉपी किताब ट्यूशन व भोजन कपड़े सब दी जाती है। उन्होंने बताया की इस क्षेत्र मे गरीब बच्चो के लिए लाइब्रेरी खोली गई है। जिसमे सैकड़ों की संख्या मे बच्चे ट्यूशन मे नामांकन ले चुके है। वहीं लायब्रेरी उद्घाटन में मुख्य रूप से अब्दुल रब्ब, गणेश मिश्र, राहुल दीक्षित व लाइब्रेरी ट्रेनर, शिक्षक – अकरम आदि लोग मौजूद रहे।

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