देवरिया :: भाजपा सरकार मे केवल मनगढ़ंत बाते होती है शिक्षा और समस्या पर कोई नजर नही

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🛑 सरकारी किताबे निजी दुकानदारों के पास उपलब्ध नही , निजी स्कूल तंत्र अनर्गल महंगी किताबे लगाने पर हो रहे मजबूर….

राजू प्रसाद श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, देवरिया। उत्तर प्रदेश मे आज भाजपा की सरकार मे शिक्षा व्यवस्था को लेकर जनता परेशान है। निजी स्कूलों मे महंगी किताबो ने लोगो के जेब पर बुरा असर डाल दिया है। वही सरकार का दावा है की एनसीआरटी पैटर्न की किताबे दुकान दुकान उपलब्ध है। सरकार की मंशा अनुसार निजी स्कूलों मे इस पैटर्न की किताबें चलाई जाय ताकि स्कूल मे पढ़ने वाले विद्यार्थी कही से भी किताबे सरलता से खरीद ले जो कम मूल्यो पर निर्धारित है। परन्तु धरातलीय सचाई यह है की एनसीआरटी पैटर्न की किताबे निजी दुकानों पर उपलब्ध नही है और यह निजी स्कूलों मे उपलब्धता न होने के कारण स्कूल मालिक विभिन्न प्रकार के किताबों को चलाने पर मजबूर है। इस लिए जनता के जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। परन्तु सरकार मे शिक्षा तंत्र यह दावा कर रहा है की बच्चों के लिए किताबे प्राइवेट स्तर पर भी मौजूद है , परन्तु धरातलीय सचाई यह है की ए सभी बाते मनगढ़ंत अर्थात मन से गढ़ी हुई झूठी, काल्पनिक , अवास्तविक बात, कहानी साबित हो रही है। जिस प्रकार झूठ प्रयोग अक्सर किसी ऐसी बात के लिए किया जाता है जिसका कोई ठोस प्रमाण या आधार न हो, जो सिर्फ कल्पना पर आधारित हो। ठीक इसी प्रकार शिक्षा तंत्र मे काल्पनिक, कपोलकल्पित, मिथ्या, निराधार, जाली और कथन फ़र्ज़ी साबित हो रहे है।
एक समय था जब सरकारी किताबे प्रत्येक दुकानदारो के पास उपलब्ध थी और निजी स्कूलों मे भी इसका प्रयोग किया जाता है। परन्तु सरकार की व्यवस्था ने जनता और विद्यार्थियों को तन मन धन से हिला दिया है।

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