कुशीनगर -जेडी कार्यालय का खेला बना चर्चा

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🟣 दो कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त, एक लिपिक को बरकरार रखा, बना चर्चा का विषय।

🔴 अपर मुख्य सचिव बेसिक एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के बाद जेडी ने डीआईओएस कार्यालय के दो कर्मचारियों की संबद्धता की समाप्त

🔴 सुभाष यादव की संबद्धता बरकरार रहने पर बना चर्चा का विषय।

डेस्क कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के बाद वर्षो से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबद्ध रहे दो कर्मचारियों की संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मण्डल गोरखपुर ने संबद्धता समाप्त कर उनके मूल पद पर भेज दिया है। वहीं बिना पद के जेडी द्वारा डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध किये गये एक कर्मचारी को नहीं हटाया गया है जो न सिर्फ चर्चा का विषय बना हुआ है बल्कि अपर मुख्य सचिव के आदेश को जेडी द्वारा ठेंगा दिखाने के रूप देखा जा रहा है।बताते चलें बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के पत्र संख्या 34/ए 0सी0एस0 (बेसिक भाष्यमिक शिक्षा)/2025दिनांक-21 अक्टूबर, 2025 सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ०प्र० शासन, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० व निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० को संबोधित करते हुए कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि शासन की अनुमति के बिना अधिनस्थ अधिकारियों द्वारा विभिन्न आदेशों के माध्यम से अध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबद्धीकरण, विभिन्न ऐसे कार्यालयों में किये गये हैं, जहाँ उनकी मूल तैनाती नहीं है, जो उचित नहीं है। इस क्रम में निर्देश दिये जा रहे हैं कि शासन की अनुमति के बिना यदि कोई अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने मूल तैनाती के स्थान के अलावा कहीं अन्य स्थान पर संबद्ध किया गया है तो उनके संबंद्धीकरण आदेश को तत्काल निरस्त करते हुए उनको अपने मूल तैनाती के स्थान पर वापस भेजा जाये। अपर सचिव ने अपने आदेश में यह चेतावनी भी दिये है कि भविष्य में शासन की अनुमति के बिना किसी भी अध्यापक, अधिकारी अथवा कर्मचारी को ऐसे स्थान पर संबद्ध न किया जाये, जहाँ उनकी मूल तैनाती न हो। उन्होंने उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए दस दिनों के भीतर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को आख्या प्रेषित करने का निर्देश दिया है। वहीं कहना ना होगा कि अपर सचिव बेसिक एंव माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक, सप्तम मंडल गोरखपुर ने कुशीनगर डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध दो कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त कर उन कर्मचारियों को उनके मूल पद पर वापस कर दिया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मण्डल गोरखपुर सतीश सिंह के मुताबिक उनके कार्यालय की तरफ से कुशीनगर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबद्ध रवींद्र किशोर यादव, लेखा परीक्षक, कार्यालय वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा, कुशीनगर और अखिलेश चन्द मौर्य, कनिष्ट सहायक, पंडित दीनदयाल राजकीय मॉडल इंटर काॅलेज मठिया श्रीराम, सेवरही, कुशीनगर को विद्यालयी कार्यों के साथ-साथ जिला विद्यालय निरीक्षक, कुशीनगर द्वारा सौपें गए दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। अब वे अपने मूल पद पर कार्य करेंगे।वहीं सूत्रों की माने तो डीआईओएस कार्यालय मे वरिष्ठ लिपिक का कोई पद सृजित नही है। इसके बावजूद वरिष्ठ लिपिक सुभाष यादव ने जेडी कार्यालय से डीआईओएस कार्यालय कुशीनगर मे स्टोनो के पद पर अपनी संबद्धता कराकर वर्षो से मलाई काट रहे है इसको लेकर आम तौर पर शिक्षको में रोष व्याप्त रहता है। अपर सचिव द्वारा संबद्धता समाप्त किये जाने के आदेश के बाद शिक्षक ने संबद्ध लिपिक सुभाष यादव से छुटकारा पाने को लेकर राहत की सास ली थी किन्तु जेडी कार्यालय गोरखपुर ने खेला कर रसूखदार लिपिक सुभाष यादव की संबद्धता को डीआईओएस कार्यालय मे बरकरार रखते हुए अन्य दो कर्मचारियों की संबद्धता समाप्त करके अपनी पीठ थपथपा रहे है। यहीं वजह है संयुक्त शिक्षा निदेशक सप्तम मण्डल गोरखपुर के इस कारगुजारी को अपर सचिव के आदेश को ठेंगा दिखाने के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों की माने तो सुभाष यादव की नियुक्ति बेसिक शिक्षा विभाग में परिचायक के पद पर हुई थी। यही लिपिक के पदोन्नति हुआ, फिर स्थानांतरित होकर डायट मे लिपिक रहे इसके बाद वरिष्ठ लिपिक के पद पर पदोन्नति पाकर डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध हो गये जबकि डीआईओएस कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक का कोई पद सृजित नही है। मजे की बात यह कि सुभाष यादव की अब तक की नौकरी बेसिक, डायट व डीआईओएस दफ्तर तक सिमट कर रह गयी है।

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