कुशीनगर :: धड़ल्ले से हो रहा है जेसीबी से खनन, विभाग बना मौनी बाबा
🔴 ठेकेदार बोला किसी परमिशन की जरूरत नहीं।
🔴 कटनरवार पुल के पास खुलेआम अवैध खनन से सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल।
🔴 मौके पर पत्रकारों को उल्टे फंसाने का खेल और माफिया द्वारा किया जाता है डराने की कोशिश।
🔴 मिट्टी माफिया हुए बेलगाम !
आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। जिले में अवैध मिट्टी खनन का खेल अब खुलेआम चुनौती बन चुका है। नियम-कानून को ठेंगा दिखाते हुए ठेकेदार जेसीबी मशीनों से धड़ल्ले से मिट्टी की खुदाई करवा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि उन्हें किसी कार्यवाही का डर नहीं है।
आपको बता दें ताजा मामला पडरौना कोतवाली क्षेत्र के कटनरवार पुल के दाहिने तरफ का है, जहां लबरेज नामक ठेकेदार द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन कराया जा रहा है। मौके पर जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं और प्रशासन पूरी तरह से मौनी बाबा बना हुआ है।
इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब ठेकेदार से इस अवैध खनन के बारे में पूछा गया, तो उसने बेखौफ अंदाज में कहा कि मिट्टी खनन के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती है। ठेकेदार का यह बयान न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस बेखौफ अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात-दिन जेसीबी से हो रही खुदाई के चलते इलाके की जमीन व नहर की पटरिया कमजोर हो रही है और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
वहीं कहना ना होगा कि अवैध मिट्टी खनन का मामला अब सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पत्रकारों को बदनाम करने की साजिश भी सामने आने लगी है।
वहीं बताया जा रहा है कि जेसीबी मालिक इश्तेयाक ने अन्य स्थानों पर हो रहे खनन की जानकारी देने के नाम पर पत्रकार से उसका मोबाइल नंबर लिया और जैसे हीं अवैध खनन की खबर प्रसारित हुई, ठेकेदार लबरेज और जेसीबी मालिक इश्तेयाक सक्रिय हो गए और खुद को बचाने के लिए पत्रकार के मोबाइल नंबर से जुड़े खाते में पांच सौ रुपये ट्रांसफर कर दिए, ताकि बाद में यह आरोप लगाया जा सके कि पत्रकार ने पैसे की मांग किया था। रकम भेजने के बाद ठेकेदार और जेसीबी मालिक ने उल्टा पत्रकार पर हीं पैसे मांगने का आरोप लगाना शुरू कर दिया, जिससे पूरे मामले को भटकाया जा सके।
वहीं कहना ना होगा कि कटनरवार पुल के पास अवैध खनन की खबर कवरेज कर रहे पत्रकारों पर धौस जमाने के लिए मौके पर खुद को अंसारी कान्टेक्शन का मालिक बताने वाला ठेकेदार लबरेज अंसारी ने लखनऊ से एक दैनिक अखबार के रिपोर्टर विशाल सिंह नाम के व्यक्ति से पत्रकारों से बात कराया। फोन पर बात करने वाले तथाकथित पत्रकार ने मौके पर मौजूद पत्रकारों को खनन में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दिया, जिससे माहौल में तनाव पैदा हो गया। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल किया तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जिसमें विशाल सिंह को लखनऊ का पत्रकार बताया जा रहा था, वह असल में कोई पत्रकार नहीं बल्कि खुद एक ठेकेदार है, जो खुद को पत्रकार बनकर लबरेज के कारोबार का संरक्षण देते हुए अधिकारियों व पत्रकारों पर धौंस जमाता है, ताकि ठेकेदार लबरेज अंसारी के अवैध खनन पर कोई रुकावट की आंच न आये।
