कुशीनगर :: विदेश भागने के फिराक में ठगों के सरगना विश्वजीत श्रीवास्तव

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🔴ट्रेड आस्था इन्फ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का धोखाधड़ी कि खेल।
🔴 गोरखपुर और लखनऊ में दर्ज है मुकदमा।

आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। मुख्यमंत्री के गृह शहर गोरखपुर सहित कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज आदि पड़ोसी जनपद ठगों का केन्द्र बन गया है। इन दिनों सुर्खियों में ट्रेड आस्था इन्फ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी है जो करोड़ों-करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर जहां सैकड़ों निवेशकों को कंगाल बना दिया, वहीं तमाम लोगों को सडक पर लाकर खडा कर दिया है। वहीं आरोप लगा है कंपनी के संचालकों ने लोगों को शेयर ट्रेडिंग, गोल्ड और रियल एस्टेट में दस से बारह फीसदी मासिक मुनाफे का लालच देकर भारी-भरकम निवेश कराया। जब निवेशकों ने मूलधन और लाभ वापस मांगा तो कंपनी के दफ्तर बंद मिले और संचालक फरार हो गए।
बता दें ठगी के शिकार लोगों ने कंपनी के सीएमडी विश्वजीत श्रीवास्तव समेत दर्जनों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इधर चर्चा है कि कानून के लंबे हाथ से बचने के लिए कम्पनी के निदेशक व ठगों के सरगना विश्वजीत श्रीवास्तव देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में हैं। देखना दिलचस्प होगा कि योगी की पुलिस क्या चक्रव्यूह रचती है।
वहीं ठगी के शिकार पीड़ितों को जालसाजों ने अपने झांसे में लेने के लिए तीन कंपनियां बनाई थीं। जिसमें आस्था इन्फ्रा प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, आस्था रिटेलर्स प्राइवेट लिमिटेड, आस्था जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। इस कंपनियों के नाम पर ठगों ने करोड़ों रुपये की ठगी की है।
वहीं बताया जाता है कि आस्था समूह ने झासे मे लेने के लिए निवेशकों को बताया कि वह शेयर मार्केट, गोल्ड ट्रेडिंग और लखनऊ-गोरखपुर में आवासीय प्लॉट्स का कारोबार करते है। कंपनी द्वारा निवेशकों को देवा रोड, लखनऊ और राप्तीनगर, गोरखपुर की कथित परियोजनाओं की फोटो, वीडियो और कागजात दिखाये जाते थे। इसके बाद निवेशक झांसे में आकर लाखों रुपये कंपनी में निवेश करना शुरू कर दिए। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने शुरू में उन्हें हर माह मुनाफा दिया ताकि कंपनी पर विश्वास बन सके, लेकिन चार-पांच महीने बाद भुगतान बंद कर दिया, जब निवेशकों ने अपने दिए गए चेक बैंक में जमा किए, तो खाते में धनराशि न होने से सभी चेक बाउंस हो गए। कंपनी के संचालक मोबाइल बंद करने लगे और दफ्तर में ताले लग गए। थाने में सुनवाई न होने पर पीड़ितों ने गोरखपुर एसएसपी के गुहार लगाई। इसके बाद शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरु किया है।
वहीं लखनऊ निवासी रामनरेश यादव, जौनपुर निवासी दिनेश यादव, केराकत निवासी सुनील कुमार यादव, बलिया निवासी अरुण कुमार यादव समेत 12 लोग शामिल हैं। इसके अलावा गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज के सैकड़ों ऐसे निवेशक हैं जो इस उम्मीद में बैठे है कि शिकायत न करने पर उनका पैसा वापस मिल जायेगा। गोरखपुर पुलिस का कहना है कि मामले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी से जुड़े बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जल्द हीं आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
आस्था ट्रेडिंग कंपनी के निदेशक के खिलाफ गोरखपुर के शाहपुर और लखनऊ थाने में पहले से चार केस दर्ज है। 24 नवम्बर को दोगुनी रकम और अत्यधिक मासिक रिटर्न का लालच देकर देवरिया के तीन पीड़ितों से 19 लाख 51 हजार रुपये की किये गये ठगी के मामले में एक और प्राथमिकी दर्ज हुई है। एसएसपी के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने ट्रेड आस्था कंपनी के निदेशक विश्वजीत श्रीवास्तव व नवीन श्रीवास्तव, चंदन शर्मा, फैजल तथा अविनाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और साजिश रचने के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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