देवरिया :: कथावाचक की चारों ओर हो रही है घोर निंदा
🔴 धर्म के मंच से राजनीति, आस्था पर सीधा प्रहार है – राकेश राय।
🔴 आस्था के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा – राकेश राय।
डेस्क कुशीनगर केसरी, देवरिया। पथरदेवा के कोयर पट्टी हिरमती भवानी मंदिर में चल रहे पावन यज्ञ के दौरान कथावाचक वीरेंद्र तिवारी व्यास द्वारा मंच से श्रद्धालुओं को हाथ उठवाकर सुजीत प्रताप सिंह के समर्थन में वोट देने का कसम दिलवाना यह बेहद गंभीर और निंदनीय कृत्य है। इस पर विपक्ष के सपा नेता ने सीधा हमला बोला है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि धर्म का मंच भक्ति और श्रद्धा का होता है, न कि किसी नेता के लिए वोट मांगने का। जब कथा जैसे पवित्र आयोजन को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया जाता है, तो यह सीधे-सीधे धर्म की गरिमा पर चोट है। उन्होंने बताया की क्षेत्र मे चौंकाने वाली बात यह रही कि लगभग 3 बजे कथा के दौरान, जब कथावाचक एक व्यक्ति के दबाव में आकर सुजीत प्रताप सिंह के लिए कसम दिलाने लगे, तो पूरा माहौल बदल गया। अनुष्ठान के अंतिम दिन ऐसा लगा जैसे श्रद्धालुओं को सन्नाटा जकड़ गया हो। कई लोग कथा बीच में छोड़कर अपने-अपने घर लौटने लगे। उन्होंने बताया की स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बार-बार धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार का हस्तक्षेप परंपराओं को कमजोर कर रहा है और समाज में गलत संदेश दे रहा है। यहीं नहीं स्थानीय चर्चा यह भी है कि पहले यहां डेढ़ महीने तक भव्य मेला लगता था, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसे अपनी जागीर समझकर किए गए हस्तक्षेपों के कारण वह परंपरा भी धीरे-धीरे समाप्त हो गई। अब लोगों को डर है कि कहीं उसी तरह यह यज्ञ भी प्रभावित न हो जाए। सपा नेता के द्वारा कटाक्ष करते हुए कहा गया की सुजीत प्रताप सिंह और कथावाचक वीरेंद्र तिवारी व्यास को यह स्पष्ट करना चाहिए कि धर्म के मंच का राजनीतिक उपयोग क्यों किया गया ? धर्म किसी एक व्यक्ति या परिवार की जागीर नहीं है। आस्था के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।
