कुशीनगर :: स्वामी जी कहते थे राम को खोजते हो पर राम पर विश्वास नहीं करते – डॉ दिनेश शर्मा
🔴 अमेरिका में विवेकानंद का सम्बोधन साधना का प्रतिफल – अनिल
🔴 -जीवन ज्योति जागृति मिशन के तत्तावधान में आयोजित हुआ विवेकानंद जयंती समारोह।
आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव/सतेन्द्र पाण्डेय, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि मानवता व हिंदुत्व का सार है विवेकानंद का जीवन। गुरु की शरण में जाकर सब कुछ जाना है। सियाराम जगत, जीवन का सार जानने का मंत्र है। स्वामी जी कहते थे राम को खोजते हो पर राम पर विश्वास नहीं करते। शिकागो के धर्म संसद के बाद हावर्ड के प्रोफेसर ने बुलाया। अमेरिका जाने पर पता चला कि स्वामी जी धर्म संसद अंतिम पंक्ति में पीछे बैठे थे। यह ज्ञान का प्रभाव हीं है कि स्वामी जी ने पूरी दुनिया को संदेश दिया। ईश्वर को नहीं देखा लेकिन गुरु को देखा है। सनातन के मजबूत स्तंभ पर खड़ा है। स्वामी जी ने सनातन की अलख जगायी है। उसी अलख को पीएम मोदी व सीएम योगी जला रहे हैं। महर्षियों का योगदान भारत को आगे बढ़ा रहा है। स्वामी विवेकानंद, शिवाजी व महाराणा प्रताप का भारत है। स्वामी जी बोलते थे, जो विश्वास है, वही बनो, उठो जागो, लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाओ। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का जीवन स्वामी विवेकानंद सभी प्रेरित था।
इस दौरान समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत माता को धर्म भूमि, यक्ष भूमि, मोक्ष भूमि की संज्ञा है। अमेरिका में स्वामी जी का सम्बोधन उनकी तपस्या व साधना की परिणति है। बिना स्वामी विवेकानंद को पढ़े स्वामी राम कृष्ण परमहंस व भारत को जानना कठिन है। हावर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रॉबर्ट जानसन ने कहा कि दुनिया के सभी विद्वानों को एक तुला पर रख दीजिए और दूसरे तुला पर स्वामी विवेकानद को रख दीजिए तो स्वामी जी के आगे कोई नहीं ठहरेगा। दुनिया को अपने संबोधन से दिशा दी। गांधीजी ने कहा था कि यदि विवेकानंद से मेरी मुलाकात पहले हो गयी होती हो सारा जीवन उनके लिए समर्पित कर देता। हर देश की प्रवृत्ति होती है। भारत की प्रवृत्ति आध्यात्म, सेवा व साधना है। स्वामी विवेकानंद पूरी दुनिया के आदर्श हैं।
विशिष्ठ अतिथि कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समर्पण की भावना का युवाओं में प्रसार किया। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए कार्य करने की चेतना का विकास किया। इसी भाव को अंगीकार करते हुए यूपी सरकार ने राष्ट्र व प्रदेश को मानवता का संदेश हीं नहीं दिया, बल्कि बेहतर कार्य भी किया।
वहीं विशिष्ट अतिथि देवरिया सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि कन्याकुमारी की यात्रा व स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा स्थल पर सत्रह बार गया। स्वामी जी महापुरुष थे।स्वामी विवेकानंद ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का उद्घोष किया। विकसित भारत की संकल्पना स्वामी विवेकानंद के विचारों को अंगीकार करने से होगी। पूर्व सांसद राजेश पांडेय उर्फ गुड्डू पांडेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तित्व से ज्ञान व कर्मयोग को नई दिशा दी। युवाओं को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। सिर्फ 39 वर्ष की आयु में स्वामी विवेकानंद ने अपनी भावनाओं को अपने कर्म व ज्ञान योग से संप्रेषित किया। भागवतगीता का में मोक्ष को उत्कृष्ट ढंग से विश्लेषित किया गया है। विषय प्रवर्तन पूर्व प्रधानाचार्य सुरेन्द्र पांडेय ने किया। विशिष्ट अतिथि
सेवानिवृत्त आईएएस विनोद शंकर चौबे
झंझावाती हिन्दू हैं। नंद किशोर मिश्र, मनोज मिहिर को साधुवाद। भोजपुरी में
बिटोहिया गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
वशिष्ठ न्यास के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि युवा ही राष्ट्र के मेरुदंड है। इनकी ऊर्जा असीमित है। वाजपेयी ने कहा था कि मुझे सौ ऊर्जावान युवा चाहिए। मैं देश की दशा और दिशा बदल दूंगा। देश की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा में स्वामी विवेकानंद का अमूल्य योगदान रहा है। जीवन ज्योति जागृति मिशन की स्मारिका आराधना का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। समारोह में आभार ज्ञापित करते हुए आयोजक पूर्व विधायक नंद किशोर मिश्र ने कहा कि वर्तमान में समाज निर्माण में युवाओं का अहम योगदान है। जरूरत है आपसी भेदभाव को भुलाकर समाज हित में कार्य करना। इस दौरान तमकुहीराज विधायक डॉ असीम कुमार, खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय, विधायक रामकोला विनय प्रकाश गोंड़, विधायक हाटा मोहन वर्मा, विधायक फाजिलनगर सुरेन्द्र प्रसाद चौरसिया, ऋषभ त्रिपाठी, मनोज मिश्र, लल्लन मिश्र व आयुष तिवारी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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