कुशीनगर :: एसपी साहब ! आखिर में किसके सह पर अवैध रूप से कट रही हैं गाड़ियां ?
🔴 कबाड़ की दुकानों पर चोरी की गाड़ी कटने का चर्चा जोरों पर।
🔴 जिले मे नही है किसी को गाडी कटिंग करने लाइसेंस।
🟣 आखिर में जिले में संचालित तमाम कबाड़ की दुकानों पर किसके संरक्षण में वाहनों की कटिंग की जा रही है ?
🟣 कसया व पडरौना में मिलाकर तीन दर्जन से अधिक कबाड़ की दुकानें हैं जहां गाड़ियों को काटा जाता है।
आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, कुशीनगर। एनएच-28 पर स्थित गौरीशंकर मोटरपार्टस कबाड की दुकान पर खुलेआम अवैध तरीके से छोटे-बड़े वाहन, लक्जरी गाडियां व ट्रक काटकर उसके स्प्रेयर बाहर भेजे जा रहे है। सूत्रों का दावा है कि इसमें चोरी की गाड़ियां भी खपत की जाती है। कहना ना होगा कि जिले में न तो किसी कबाड़ की दुकान को वाहन कटिंग करने का लाइसेंस जारी हुआ है और न हीं गाड़ियों की कटिंग करने के लिए एआरटीओ विभाग द्वारा किसी कबाड़ी के दुकान को अधिकृत किया गया है। ऐसे मे सवाल यह है कि गौरीशंकर मोटर पार्ट्स सहित जिले में संचालित तमाम कबाड़ की दुकानों पर किसके संरक्षण में वाहनों की कटिंग की जा रही है ?
आपको बता दें कि बेशक ! जिले के कसया थाना क्षेत्र के सबया एनएच-28 पर स्थित गौरीशंकर मोटरपार्टस कबाड़ की दुकान पर छोटे-बडे व लक्जरी वाहनों की हो रही कटिंग एक बानगी मात्र है, लेकिन सरेआम ये चर्चा है कि कसया सहित जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न चौक-चौराहों पर संचालित हो रहे कबाड़ की दुकानों के आड़ में चोरी का माल खपाया जा रहा है। चर्चा यह भी है कि क्षेत्र में हो रही चोरी के पीछे अपराधियों को अप्रत्यक्ष रूप से कबाड़ियों का सरंक्षण भी मिल रहा है। वहीं सूत्रों का दावा है कि पुलिस, कबाड़ियों की दुकान और गोदाम की ठीक से जांच कर दे तो कबाड़ी की दुकान पर कबाड़ की आड़ में चोरी का माल खरीदने की पोल खुल जाएगी।
बताया जाता है कि कसया थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक कबाड़ की दुकानें है जहां अवैध तरीके से चलते-फिरते चोरी के वाहनों को दिन के उजाले में पलक झपकते हीं अलग-अलग पार्ट्स में तब्दील कर दिया जाता है। सूत्रो की मानें तो इन कबाड़ की दुकानों पर दर्जनों मजदूर गैस कटर से दिन रात वाहनों को काटने का काम करते है। विश्वस्त सूत्रों की माने तो कसया नगर का एक व्यक्ति(जो पहले कबाड़ की दुकान संचालित करता था) इन अवैध कबाड़ के कारोबारियों का गुरु बताया जाता है। सूत्रों का कहना है कि इसी शक्स के दिशा निर्देश व कुछ छुटभैये सफेदपोश और कथित पत्रकारों के संरक्षण में इन अवैध कबाड़ियों के दुकान पर चार पहिया व ट्रक अवैध रूप से कटता है। इतना हीं नहीं वाहनों के चेसिस नंबर और वाहन का बाडी बदलने का भी यहां खेल होता है और कोई आंख तरेरने की हिमाकत नहीं करता है। वजह यह है कि यह व्यक्ति स्थानीय प्रशासन, पुलिस, तथाकथित पत्रकार और इस धंधे व इससे जुड़े धंधेबाजों को नुकसान पहुचाने वाले व्यक्ति से मैनेज करता है। यहीं कारण है कि गौरीशंकर सहित अन्य कबाड़ की दुकानों पर रात की बात कौन कहे दिन के उजाले में बेखौफ गाड़ियां कट रही हैं और पुलिस प्रशासन धृतराष्ट्र बना बैठा है।
वहीं गौरीशंकर मोटरपार्टस के संचालक मन्नू गुप्ता से इस संबध में बातचीत किया गया तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा गाड़ियों की कटिंग सिर्फ हम नहीं करते हैं। कसया व पडरौना में मिलाकर तीन दर्जन से अधिक कबाड़ की दुकानें हैं जहां गाडियों को काटा जाता है। उन्होंने कहा कि हमने जीएसटी ले रखा है। जब मन्नू से पत्रकार ने पूछा कि गाड़ी काटने के लिए लाइसेंस है तो उन्होंने चुप्पी साध लिया फिर खुद को संभालते हुए कहा सभी लोग ऐसे हीं काम करते हैं।
गौरतलब है कि एआरटीओ कार्यालय में वाहन काटने के लिए जनपद में कोई भी कबाड़ व्यापारी न तो पंजीकृत है और न हीं अधिकृत है। इसके बावजूद कसया क्षेत्र में तकरीबन एक दर्जन कबाड़ के दुकानों पर बेखौफ भारी वाहने काटी जा रही हैं। इतना हीं नहीं कबाड़ व्यापारियों द्वारा वाहन काटने की सूचना तक एआरटीओ कार्यालय में नहीं दी जाती है।

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