देवरिया :: वाह रे ! बघौचघाट की पुलिस दलाली इतनी बड़ी हो गई कि बिना आई.जी. से गुहार लगाए सुनवाई तक नही हो रही

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🟣 कृषि मंत्री के गृह थाना बघौचघाट बिटोर रहा सुर्खियां।
🟣 बघौचघाट थाने पर पीड़ितों से हो रहा है खिलवाड़।

राजू प्रसाद श्रीवास्तव, कुशीनगर केसरी, देवरिया। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का वह विधानसभा क्षेत्र जो विकास के नाम से जाना जाता है। आज 20 वर्षो से आ रहा है और कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही का गृह विधानसभा पथरदेवा का चर्चित थाना जो आज पैरवी पर कार्य कर रहा है। जहां गरीब मजलूम पीड़ित की बातों का कोई महत्व नहीं है। मार पीट जैसे अहम अपराधों पर बिना एस.पी. और आई.जी. को प्रार्थना पत्र दिये मुकदमों में सही धारा नहीं लिखी जा रही है।
हम आपको बताते है कि बात बघौचघाट थाना से सटे गांव मलवावर बनरही की है जहां पर दो भजपाई पक्ष आप मे भीड़ गए, यह इस लिए हुआ क्योंकि एक पक्ष अपना मकान का सीढ़ी बनवाने का कार्य कर रहा था। वहीं गांव का दूसरा व्यक्ति विरोध किया और मार पीट जबरजस्त हुई एक पक्ष मकान बनवाने वाले के परिवार को जान से मार देने की नसीहत से बेरहमी से पिटाई हुई आनन फानन में परिवार के लोग पथरदेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए गम्भीर हालात को देखकर डॉक्टर ने मरीज को सदर भेज दिया। वहां से मरीज गोरखपुर तक दवा कराता रहा। इधर पुलिस सरल भाव से निम्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दिया। डरे सहमे परिवार के लोगों ने एस.पी. और आई.जी. से शिकायत कर डाला, वहीं मुख्यमंत्री पोर्टल का भी सहारा लिया। अब पुलिस हार कर पीड़ित पक्ष के लिए मुकदमा बढ़ाने की बात कर रही है। जबकि यह कार्य प्रथम सूचना पर हीं हो जाना चाहिए था। परन्तु सोचने वाली बात यह है कि अगर समाज मे किसी पीड़ित के पास खुद का प्रयास न हो अथवा पढा लिखा न हो। या किसी से पहचान न हो ताकतवर न हो तो फिर बघौच घाट पुलिस से न्याय का आशा करना कठिन साबित हो रहा है। इससे प्रदेश के कृषि मंत्री की छबी धूमिल हो रही है जो आज थाना चर्चा में प्रसिद्धि हासिल कर रहा है।
क्या कहते है बघौचघाट के थानेदार ?…… इस सम्बंध में जब हमारे समाचार प्रतिनिधि ने बात किया तब बघौचघाट के थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अस्थाना ने बताया कि हमने मुकदमा लिख दिया। पथरदेवा समुदायिक केंद्र के द्वारा जो मेडिकल मिला, अब अगर गम्भीर चोट की बात जब से आई है, तो हमारे पुलिस विभाग से सिपाही बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर गए वहां के डॉक्टर ने बताया कि जब हम मरीज को छोड़ देंगे तब हम मेडीकल रिपोर्ट देंगे, जैसे हीं मेडिकल रिपोर्ट थाने को मिलेगी हम मुकदमे में बढ़ोतरी कर देंगे।
वहीं पीड़ित पक्ष का कहना है कि पथरदेवा समुदायिक केंद्र पर दबाब डाल कर मेडिकल रिपोर्ट नार्मल तैयार कराई गई, क्योंकि पथरदेवा समुदायिक केंद्र के डॉक्टर ने जब जिला अस्पताल भेज दिया तो फिर मरीज को बीआरडी अस्पताल से क्यों बुलवाकर साधारण मेडीकल रिपोर्ट तैयार कराई गई। अगर पथरदेवा के डॉक्टर ने जब मरीज को रेफर कर दिया तो मेडिकल बनाने की क्या जरूरत थी और बिना गम्भीर रिपोर्ट हालात देखे मुकदमा साधारण रूप से क्यों लिख दी गई। यह सब गोलमाल कर ऐसा किया गया। जब कि पिटाई के कारण मरीज के शरीर मे कई स्थानों पर खून जम गए, जिसको बीआरडी अस्तपाल के डॉक्टर ने कड़ी मेहनत के बाद मरीज पर सफलता पाए।
क्या कहते है क्षेत्र के लोग ?…….. क्षेत्र के लोगों में चर्चा आज लगभग बीते दिनों से बनी हुई है कि इस प्रकार का थाना और पुलिस कृषि मंत्री के क्षेत्र में रहे तो सर्वनाश हो जाएगी जनता। दलालों का वर्चस्व अधिक बढ़ गया है और बिना सोचे समझे लोगों की जान से पुलिस और समुदायिक केंद्र लुकाछुपी का खेल खेल रहे हैं।

1 thought on “देवरिया :: वाह रे ! बघौचघाट की पुलिस दलाली इतनी बड़ी हो गई कि बिना आई.जी. से गुहार लगाए सुनवाई तक नही हो रही

  1. बिल्कुल सही बात है तरकुलवा और बघौचघाट थाना दलालों का अड्डा बन गया है बिना पैसा दिए इन थानों पर कोई सुनवाई भी नहीं होती है पूरा सिस्टम ही खराब है इन दोनों थानों का ।
    इन दोनों थानों के SHO को यहां से ट्रांसफर कर देना चाहिए

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